कबीरधामकवर्धा

पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी की तैयारियां प्रभावित होने की आशंका, सरकार तत्काल निकाले समाधान : रवि चंद्रवंशी

किसानों का पंजीयन, गिरदावरी सुधार और फार्मर आईडी से जुड़े कार्य प्रभावित; समय पर समाधान नहीं हुआ तो किसानों को होगी परेशानी - रवि चंद्रवंशी

किसान यदि परेशान होंगे तो किसान कांग्रेस करेगा आंदोलन – रवि चंद्रवंशी

कबीरधाम :- छत्तीसगढ़ में पटवारियों की हड़ताल के कारण धान खरीदी की तैयारियों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर जिला किसान कांग्रेस कमेटी, कबीरधाम के अध्यक्ष रवि चंद्रवंशी ने चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।

रवि चंद्रवंशी ने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी किसानों की आजीविका से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। धान बेचने के लिए किसानों का पंजीयन, गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर आईडी तथा राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियों का सुधार समय पर होना बेहद जरूरी है। लेकिन पटवारियों की हड़ताल के चलते इन कार्यों के प्रभावित होने से किसानों के सामने नई परेशानियां खड़ी होने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि धान खरीदी की निर्धारित प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि, फौती, नामांतरण, बंटवारा और अन्य प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं होने से किसानों का पंजीयन अटक सकता है। इसका असर धान विक्रय पर पड़ने की आशंका से किसानों में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

चंद्रवंशी ने कहा कि भाजपा सरकार को किसानों के हितों के प्रति गंभीरता दिखाते हुए पटवारी संघ से तत्काल संवाद करना चाहिए। पटवारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर हड़ताल समाप्त कराने की पहल की जानी चाहिए, ताकि राजस्व व्यवस्था सुचारु हो सके और धान खरीदी की तैयारियां प्रभावित न हों।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी किसान का पंजीयन केवल प्रशासनिक अव्यवस्था या राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियों के कारण न रुके। किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं तथा लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निपटारा किया जाए। फार्मर आईडी और एग्री-स्टैक पोर्टल से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

रवि चंद्रवंशी ने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके देश और प्रदेश के लिए अन्न पैदा करता है। ऐसे में धान बेचने के लिए उसे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें या तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के कारण अपनी उपज बेचने में परेशानी हो, यह उचित नहीं है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसानों को समय पर सुविधा उपलब्ध कराए और उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करे।

अंत में जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो किसान कांग्रेस किसानों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से उनकी आवाज बुलंद करेगी।

किसानों का हित सर्वोपरि है। सरकार को तत्काल कदम उठाकर धान खरीदी की तैयारियों को सुचारु बनाना चाहिए, ताकि प्रदेश के किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।

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