कबीरधामकवर्धा

अर्नब तूफान से किसानों को भारी नुकसान, सरकार तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा दे– रवि चंद्रवंशी

अर्नब तूफान ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, अब मुआवजा देने की जिम्मेदारी निभाए सरकार - रवि चंद्रवंशी

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने में देरी बर्दाश्त नहीं, गांव-गांव जाकर निष्पक्ष सर्वे कराने की मांग – किसान कांग्रेस

कबीरधाम :- जिले में अर्नब तूफान के कारण फ़सलो को हुए नुकसान को लेकर जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष रवि चन्द्रवंशी ने चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल राहत एवं उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।तूफान और तेज हवाओं के चलते कई क्षेत्रों में धान की फसलों, सब्जियों, एवं अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की स्थिति बनी है। पहले से ही खेती-किसानी की बढ़ती लागत और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे किसानों के लिए प्राकृतिक आपदा ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है और प्रभावित परिवारों के सामने रोजी-रोटी एवं आर्थिक संकट का सवाल खड़ा हो गया है।

जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष रवि चन्द्रवंशी ने कहा कि किसान पूरे साल मेहनत करके अपनी फसल तैयार करता है, लेकिन जब प्राकृतिक आपदा उसकी मेहनत को बर्बाद कर देती है, तब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसान के साथ मजबूती से खड़ी हो। केवल आश्वासन देने से किसानों का नुकसान पूरा नहीं होगा, बल्कि उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता देना आवश्यक है।

जिला किसान कांग्रेस ने शासन-प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं—

1. प्रभावित गांवों में तत्काल राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाए।

2. किसानों की फसल, सब्जियों एवं अन्य कृषि उपज को हुए नुकसान का उचित आकलन किया जाए।

3. प्रभावित किसानों को नियमानुसार अधिकतम संभव मुआवजा एवं फसल क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए।

4. जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए

5. सर्वे एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो, ताकि कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे।

जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों और गरीब परिवारों की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर राहत कार्य शुरू करे और मुआवजा वितरण में अनावश्यक देरी न करे।

किसान की मेहनत और उसकी आजीविका की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। आपदा की इस घड़ी में किसानों को कागजी कार्रवाई और सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं, बल्कि तत्काल राहत और न्याय मिलना चाहिए।

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