
कबीरधाम :- प्रदेशभर में नए शिक्षण सत्र 2026-27 की शुरुआत उत्साह और स्वागत कार्यक्रमों के साथ हुई। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाकर बच्चों का स्वागत किया गया, लेकिन कबीरधाम जिले से शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने लाने वाली एक तस्वीर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर जामुनपानी ग्राम पंचायत के अंतर्गत संचालित महाराजपुर डी प्राथमिक शाला नए शिक्षा सत्र के पहले ही दिन बंद मिली। विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ था। मौके पर न तो कोई शिक्षक उपस्थित था और न ही विद्यालय परिसर में बच्चों की कोई गतिविधि दिखाई दी।
एक तरफ सरकार शत-प्रतिशत नामांकन, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावे कर रही है, वहीं नए सत्र के पहले दिन विद्यालय का बंद मिलना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। शिक्षा सत्र की शुरुआत के दिन ही स्कूल का नहीं खुलना जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार नए सत्र को लेकर बच्चों और अभिभावकों में काफी उत्साह था, लेकिन विद्यालय बंद मिलने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा था, तब महाराजपुर डी प्राथमिक शाला के मुख्य द्वार पर पहले ही दिन ताला क्यों लटका मिला? और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



