
कबीरधाम :- कवर्धा कृषि व्यापारी एसोसिएशन ने जिले के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापार से जुड़ी गंभीर समस्याओं के निराकरण की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में व्यापारी वर्ग के साथ-साथ किसान और पूरी कृषि व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में “किसान हित • व्यापारी हित • कृषि हित” को आधार बनाते हुए प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की गई है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटरों की मनमानी, अनियमित आपूर्ति और नियमों के उल्लंघन से बाजार में असंतुलन की स्थिति बन रही है।
ज्ञापन में कुल 22 बिंदुओं पर कार्यवाही की मांग की गई है, जिनमें प्रमुख रूप से—
उर्वरकों की FOR (Free On Road) आपूर्ति सीधे बिक्री केंद्र तक सुनिश्चित करने, डीलर मार्जिन न्यूनतम 8% करने, एक्सपायर्ड कीटनाशकों की अनिवार्य वापसी, सिंगल विंडो लाइसेंस प्रणाली लागू करने, अनधिकृत बीज पैकिंग और नकली उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध, फर्टिलाइजर परिवहन में GPS और CCTV अनिवार्य करने, फुटकर व्यापारियों को सीधे O फॉर्म जारी करने, उर्वरक कंपनियों एवं डिस्ट्रीब्यूटरों की मनमानी पर रोक लगाने जैसी मांगें शामिल हैं।
खाद वितरण में गड़बड़ी का लगा आरोप
एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि कंपनियां और होलसेलर व्यापारी आपसी सांठगांठ से खाद का वितरण कर रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों और किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। कई मामलों में यूरिया के साथ अवैध रूप से पैकिंग मटेरियल भी जबरन दिया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है।
सरकारी निगरानी और कार्रवाई का किये मांग
वही ज्ञापन में राज्य सरकार से मांग की गई है कि खाद के आवंटन और वितरण के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित की जाए तथा प्रत्येक जिले में निगरानी समिति बनाकर सख्त जांच की जाए। साथ ही, जिले के उर्वरकों का उपयोग केवल स्थानीय किसानों के लिए सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि जिले में खाद-बीज की उपलब्धता सुचारू हो सके और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



