
कबीरधाम :- छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, जिला शाखा कबीरधाम के नेतृत्व में बैगा आदिवासी समाज ने अपनी लंबित भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार से जिला कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार के समीप अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलन का उद्देश्य वर्षों से लंबित भूमि विवादों, वनाधिकार पट्टों के वितरण में हो रही देरी तथा प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आवाज उठाना है।
परिषद के जिलाध्यक्ष कामू बैगा ने बताया कि जिले के बैगा आदिवासी परिवारों की जमीनों से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। कई बार प्रशासन के समक्ष आवेदन और ज्ञापन प्रस्तुत किए जाने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका, जिससे समाज में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
बैगा आदिवासियों की भूमि से अवैध बेदखली पर तत्काल रोक लगाई जाए।
लंबित वनाधिकार पट्टों का शीघ्र एवं पारदर्शी तरीके से वितरण किया जाए।
भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन विशेष शिविर आयोजित करे।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जाएगा। आंदोलन की लिखित सूचना पहले ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पुलिस अधीक्षक तथा कोतवाली थाना प्रभारी को देकर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की मांग की गई है।
बैगा समाज का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। संगठन ने जिले के समस्त बैगा समाज एवं आदिवासी समुदाय से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने की अपील की है।



