
करीब 1 किलोमीटर हिस्से में जगह-जगह बड़े गड्ढे, बारिश के बाद तालाब में तब्दील हुआ मार्ग; रोजाना गुजरते हैं हजारों वाहन, जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
कबीरधाम :- जिला मुख्यालय कवर्धा शहर से लगे रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे की बदहाल तस्वीर इन दिनों जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। शहर के मिनी माता चौक से जोराताल तथा अंबेडकर चौक से सामनापुर चौक तक सड़क के कई हिस्सों में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भरने से सड़क की स्थिति और भी खतरनाक हो गई है।
हालात ऐसे हैं कि राहगीरों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क? कई जगहों पर सड़क पूरी तरह उखड़ी हुई नजर आ रही है। पानी से भरे गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ बड़े वाहनों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
हजारों वाहन गुजरते हैं, फिर भी मरम्मत का इंतजार
रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे कवर्धा जिले का महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क के जर्जर हिस्सों की समय पर मरम्मत नहीं होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़े गड्ढों में वाहन फंसने और अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन चालक अचानक उनमें गिर जाते हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
उपमुख्यमंत्री के गृह नगर में सड़क की यह तस्वीर
कवर्धा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा का गृह नगर भी है। ऐसे में जिला मुख्यालय से लगे नेशनल हाईवे की यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिला मुख्यालय और उपमुख्यमंत्री के गृह नगर से लगे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत ऐसी है, तो जिले के दूरस्थ क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
हादसे के बाद जागेंगे या पहले?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जिम्मेदार विभाग सड़क की मरम्मत के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है? क्या किसी की जान जाने के बाद ही सड़क के गड्ढे भरे जाएंगे? हजारों लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर तत्काल मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस बदहाल नेशनल हाईवे की सुध कब लेता है और सड़क को हादसों का रास्ता बनने से पहले कब दुरुस्त करता है।










