कबीरधाम :- बरसात के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन सक्रिय हो गया है। वही कवर्धा, पांडातराई, पंडरिया, बोडला, सहसपुर लोहरा और कुंडा क्षेत्र की मिठाई दुकानों का निरीक्षण कर सैंपल लिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट की संभावना अधिक रहती है, जिससे आमजन की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।
हालांकि, इस कार्रवाई के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं का कहना है कि सैंपल तो नियमित तौर पर लिए जाते हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती और न ही दोषी दुकानदारों पर सख्त कार्यवाही होती है। कई दुकानों के खिलाफ पूर्व में भी शिकायतें दर्ज की गई हैं, बावजूद इसके वे अब भी खुलेआम मिठाइयाँ बेच रहे हैं। इससे लोगों में यह आशंका जन्म ले रही है कि कहीं सैंपल लेने की प्रक्रिया महज औपचारिकता या कमीशन वसूली का जरिया तो नहीं बन चुकी है?
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल :- लोगों का यह भी कहना है कि हर तीज त्योहार मे अगर इतने सैंपल लिए जा चुके हैं, तो अब तक उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नही की गई? यदि मिठाई में मिलावट पाई गई है तो उपभोक्ताओं को जानकारी क्यों नहीं दी जा रही? कहीं हर तीज त्यौहार मे मिठाई की दुकानों से सैम्पल की आड़ कमीशन खेल तो नही चल रहा? यह बड़ा जांच का विषय बना हुवा है।



