कवर्धा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज 22वें दिन भी जारी रही। सोमवार को कर्मचारियों ने “रोटी-सम्मान-न्याय गारंटी” विषय पर विशेष प्रदर्शन किया और सरकार से लिखित आदेश में मांगें पूरी करने की अपील की।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीति के कारण कर्मचारियों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। शासन की चुप्पी से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है, बावजूद इसके अब तक 10 सूत्रीय मांगों पर कोई लिखित पहल नहीं हुई है।
“अब आश्वासन नहीं, आदेश चाहिए”
पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार हर बार समिति बनाकर कर्मचारियों को गुमराह करती रही, लेकिन आज तक किसी रिपोर्ट पर अमल नहीं हुआ। “अब हमें कमेटी का झांसा नहीं, सीधे लिखित आदेश चाहिए”, संघ ने साफ चेतावनी दी।
33 जिलों में 16 हजार कर्मचारी करेंगे आज जल सत्याग्रह
प्रदेश के सभी 33 जिलों में आज मंगलवार, 9 सितंबर को 16 हजार से अधिक एनएचएम कर्मचारी जल सत्याग्रह करेंगे। हड़ताली कर्मियों ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता से यह आंदोलन अब सिर्फ हमारा आंदोलन नहीं रहा बल्कि जन आंदोलन का रूप ले रहा है।
“खोखली गारंटी, झूठा प्रचार” का आरोप
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार 10 में से 5 मांगें पूरी होने का दावा कर रही है, जबकि अब तक एक भी लिखित आदेश जारी नहीं किया गया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर अधिकारियों के बहकावे में आने और कर्मचारियों को धोखा देने का आरोप लगाया।
चुनावी वादों की याद दिलाई
संविधानिक अधिकार और नौकरी सुरक्षा की मांग करते हुए कर्मचारियों ने भाजपा के “मोदी की गारंटी” वाले चुनावी घोषणा पत्र का हवाला दिया और सवाल किया कि जब विपक्ष में रहते हुए इन्हीं संविदा कर्मचारियों के पक्ष में पत्र लिखे गए थे, तो अब सत्ता में आने के बाद संविलियन और नियमितीकरण पर चुप्पी क्यों?
“हमारी जीत तय है” – संघ
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 20 वर्षों से अल्प वेतन पर काम कर रहे संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना जैसी महामारी में भी जान की बाजी लगाई। लेकिन सरकार से अब तक न तो सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा मिली और न ही नियमितीकरण। “हम धैर्य रखें, निश्चित ही हमारी जीत होगी” – संघ ने कर्मचारियों को हौसला दिया।
इस हड़ताल में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए, जिनमें शशिकांत शर्मा, जेम्स जॉन, प्रदीप सिंह ठाकुर, विनिष जॉय, भास्कर देवांगन, वीर सिंह साहू, डॉ. दीपक ध्रुव, डॉ. निलेश चंद्रवंशी, डॉ. चंचला, डॉ. प्रशांत, डॉ. मुकुंद राव सहित सैकड़ों कर्मियों की मौजूदगी रही।
मीडिया प्रभारी विनिष जॉय ने बताया कि जब तक 10 सूत्रीय मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं होता, हड़ताल अनवरत जारी रहेगी।



