
कबीरधाम:-जिले के शहर और गांवों में शाम होते ही बिजली गुल होना आम समस्या बन गई है। जैसे ही अंधेरा फैलता है, वैसे ही घंटों तक लोग बिजली कटौती की मार झेलने को मजबूर हो जाते हैं। इस बार बार की बिजली बंदी ने आमजन से लेकर छात्रों और व्यापारियों तक सभी को मुश्किल में डाल दिया है।
छत्तीसगढ़ के बिजली विभाग के टोल फ्री न. 1912 से लेकर स्थानीय बिजली विभाग में फोन कॉल के माध्यम से शिकायत करने के बावजूद भी बिजली विभाग के रैवाये में कोई सुधार नही होना समझ से परे है मानो की छत्तीसगढ़ सहित जिले के जिम्मेदार अदिकारियों पर राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त हो
जबकि बिजली विभाग के द्वारा समय समय पर मेंटनेस कार्य के नाम से घंटो तक बिजली बंद रखी जाती है पर इस मेंटनेस कार्य के नाम पर बिजली बंद करने पर सवाल उठ रहे है, की विभाग द्वारा समय समय पर मेंटनेस के नाम पर घाटों तक कार्य करने के बावजूद बार बार बिजली बंद क्यों कहीं ऐसा तो नहीं की मेंटनेस के नाम पर कमीशन तो नहीं बना रहे जो जाँच का विषय है।
लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही और बेलगाम कार्यशैली ने बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी है। गर्मी और उमस भरे मौसम में अचानक बिजली गुल होने से लोग आक्रोशित हैं, वहीं व्यापार प्रभावित और बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं।
अब वही छत्तीसगढ़ के सांय की सरकार बिजली आपूर्ति के ले बड़े बड़े दावे करते नजर आते है उन्ही के उप मुख्यमंत्री के गृह नगर में ये हाल है तो अन्य वानंचल जैसे कई ग्रामो क्या स्थिति होंगी।



